मैं पीएम बना तब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की रैंकिंग 140 थी, आज 100 पर: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान दौरे के दूसरे दिन सोमवार को राजधानी टोक्यो में 'मेक इन इंडिया, अफ्रीका में भारत-जापान साझेदारी और डिजिटल साझेदारी' सेमिनार में शामिल हुए। मोदी ने कहा, जब मैंने 2014 में भारत की जिम्मेदारी संभाली थी, उस वक्त वर्ल्ड बैंक द्वारा जारी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यापार करने में सुलभता) में भारत की रैंकिंग 140 थी। लेकिन अब यह 100 पर पहुंच गई। हम इसे और बेहतर बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

इससे पहले मोदी भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दिवाली में दीपक जहां रहता है, वहां उजाला फैलता है उसी तरह आप भी जापान और दुनिया के हर कोने में अपना और देश का नाम रोशन करें। गुजरात में सरदार पटेल की स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि इस साल पटेल की जयंती की चर्चा दुनियाभर में होगी। सरदार साहब की प्रतिभा जितनी ऊंची थी, प्रतिमा भी उतनी ही ऊंची बनेगी। मोदी 31 अक्टूबर को इस प्रतिमा का अनावरण करेंगे।

धानमंत्री मोदी ने कहा, ''आज भारत बदलाव के एक बड़े दौर से गुजर रहा है। मानवता के लिए काम करने पर भारत की कोशिशों को दुनिया ने सराहा है। देश में जनकल्याण की योजनाएं बनाई जा रही हैं। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में प्रगति हुई है। आज ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी गांवों तक पहुंच चुकी है। भारत में 100 करोड़ मोबाइल एक्टिव हैं। एक जीबी डेटा कोल्ड ड्रिंक की छोटी बोतल से भी सस्ता है। इस डेटा से लोगों को सेवाओं का लाभ मिल रहा है।''

मोबाइल उत्पादक बनने की ओर बढ़ रहे

मोदी ने कहा, ''मेक इन इंडिया दुनिया में ब्रांड बनकर उभरा है। हम भारत में ही नहीं दुनिया के लिए क्वालिटी प्रोडक्ट तैयार करते हैं। भारत एक तरह से ग्लोबल हब बन गया है। खासतौर से इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल उत्पादन के क्षेत्र में। हम दुनिया में नंबर-1 मोबाइल उत्पादक बनने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। पिछले साल भारतीय वैज्ञानिकों ने 100 उपग्रहों का प्रक्षेपण कर रिकॉर्ड बनाया। हमने चंद्रयान और मंगलयान भी बहुत कम लागत में अंतरिक्ष में भेजे। भारत अब 2022 में गगनयान प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। इसमें सफर करने वाला कोई भारतीय ही होगा।''

शिंजो आबे के हॉलिडे होम गए मोदी

इससे पहले रविवार को मोदी यामानाशी प्रांत में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से मिले। आबे माउंट फूजी में अधिकारियों के बजाय खुद ही प्रधानमंत्री मोदी को लेने पहुंच गए। मुलाकात के दौरान उन्होंने मोदी को अपना सबसे भरोसेमंद दोस्त बताया। होटल माउंट फूजी में मोदी ने आबे को पत्थर की दो कटोरियां और उत्तरप्रदेश के बुनकरों द्वारा बनाई गई एक दरी भेंट कीं। इसके बाद दोनों ने फैक्ट्री ऑटोमेशन बनाने वाली फानुक कॉरपोरेशन का दौरा किया। दोनों नेताओं ने 13वीं भारत-जापान वार्षिक समिट में हिस्सा लिया। इसमें रक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। इसके बाद आबे ने अपने हॉलिडे होम में मोदी को डिनर दिया।

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